सोशल मीडिया नियंत्रण को लेकर भारी विरोध के बाद फैसला, कैबिनेट बैठक में विधेयक वापसी को मंजूरी
Jan Man Desk : नेपाल सरकार ने संसद में विचाराधीन विवादास्पद सोशल मीडिया विधेयक को वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।गृह मंत्री और सरकार के प्रवक्ता ओम प्रकाश अर्याल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा,“सरकार ने संघीय संसद से सोशल मीडिया विधेयक–2025 को वापस लेने का फैसला किया है।”
पिछली सरकार लाई थी विधेयक
यह विधेयक पिछले वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पेश किया गया था। ‘सोशल मीडिया विधेयक 2025’ का उद्देश्य सोशल मीडिया मंचों को नियंत्रित करना था, लेकिन इसी वजह से इसे सभी वर्गों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा।
नेशनल असेंबली में हुआ था पंजीकरण
तत्कालीन संचार एवं सूचना मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने 28 जनवरी 2025 को इस विधेयक को नेशनल असेंबली में पंजीकृत कराया था। विधेयक पर उस समय से ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठते रहे।
सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध से भड़का विरोध
ओली सरकार ने संसद से विधेयक पारित होने से पहले ही 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके विरोध में पिछले वर्ष 8 और 9 सितंबर को युवाओं के नेतृत्व में ‘जेन जेड’ प्रदर्शन हुए थे।
जनआंदोलन और राजनीतिक असर
इन प्रदर्शनों ने व्यापक जनसमर्थन हासिल किया और सरकार पर भारी दबाव बना। अंततः इन्हीं आंदोलनों के बाद के.पी. शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सरकार द्वारा विधेयक वापस लिए जाने के फैसले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अब सरकार सोशल मीडिया से जुड़े नियमों पर व्यापक सहमति और संवाद के जरिए आगे बढ़ सकती है।