ममता बोलीं- केंद्रीय एजेंसियों पर भरोसा नहीं, एनडीए छोड़कर ‘INDIA’ ब्लॉक में वापसी की तैयारी में थे अजित दादा

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। शोक संवेदनाओं के बीच अब इस घटना को लेकर सियासी बयानबाजी और स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए। अजित पवार के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा,“हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।”
एनडीए से नाराज़गी का दावा
ममता बनर्जी ने दावा किया कि अजित पवार महायुति गठबंधन (एनडीए) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने की तैयारी में थे।हुगली के सिंगूर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा,“मुझे जानकारी मिली थी कि अजित पवार भाजपा-नीत एनडीए गठबंधन से दूरी बना रहे थे। वे विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में वापस लौटने की योजना बना रहे थे।”उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के साथ फिर से हाथ मिलाने और महाराष्ट्र में एक नई राजनीतिक पारी शुरू करने को लेकर बातचीत कर रहे थे।
विमान हादसों का साया और सुरक्षा पर सवाल
ममता बनर्जी ने भारत के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी कई बड़े नेताओं को देश ने विमान हादसों में खोया है। उन्होंने अजित पवार के विमान के रखरखाव और तकनीकी पहलुओं पर संदेह जताते हुए सवाल किया कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था।उनका कहना था कि बारामती जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में लैंडिंग के दौरान इस तरह का हादसा होना संदेह पैदा करता है।