48 निकायों में एक ही दिन वोटिंग, 4304 बूथों पर बैलेट पेपर से होगा मतदान
Ranchi : झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी तस्वीर साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेस में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा की। राज्य के सभी 48 नगर निकायों में 23 फरवरी (सोमवार) को एक ही दिन मतदान कराया जाएगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना होगी।
चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

नामांकन से चुनाव चिन्ह तक का पूरा कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार,
- 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे
- 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी
- 6 फरवरी नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि होगी
- 7 फरवरी को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे
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48 निकायों में चुनाव, 4304 मतदान केंद्र
इस बार नगर निकाय चुनाव कुल 48 शहरी स्थानीय निकायों में कराए जाएंगे। इनमें
- 9 नगर निगम,
- 20 नगर परिषद,
- 19 नगर पंचायत शामिल हैं।
चुनाव के लिए कुल 4304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो 2129 भवनों में स्थित होंगे।
नोटा का विकल्प नहीं, 43 लाख से अधिक मतदाता
इस नगर निकाय चुनाव में नोटा (NOTA) का विकल्प नहीं रहेगा।
कुल मतदाताओं की संख्या 43 लाख 33 हजार 574 है, जिनमें—
- पुरुष मतदाता: 22,07,203
- महिला मतदाता: 21,26,227
- ट्रांसजेंडर मतदाता: 144
ट्रिपल टेस्ट के बाद पहली बार नगर निकाय चुनाव
यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में पहली बार नगर निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण निकाय चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। इसके बाद ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट से जुड़े निर्णयों में लगातार देरी होती रही। अंततः हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और समय-सीमा तय होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
इसी बीच राज्यपाल द्वारा विधानसभा के बजट सत्र के कार्यक्रम को मंजूरी मिलने से प्रशासनिक और चुनावी प्रक्रिया के लिए रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
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शहरी राजनीति के लिए अहम माने जा रहे चुनाव
नगर निकायों के जरिए शहरों के विकास, आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाएगा। शहरी विकास की दिशा तय करने में इन निकायों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले बड़े राजनीतिक मुकाबलों की दिशा तय कर सकते हैं। यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल अभी से अपनी चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं।