Hazaribag : गोंदलपुरा अदानी कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर प्रस्तावित जनसुनवाई का स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापन विरोधी संगठनों ने कड़ा विरोध किया। बड़कागांव स्थित प्लस टू हाई स्कूल में सोमवार को आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों ने विरोध मार्च निकालते हुए नारेबाजी की और जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की। इस दौरान जनसुनवाई स्थल पर तोड़फोड़ भी की गई, जहां कुर्सियों समेत अन्य व्यवस्थाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने इस दिन को “काला दिवस” के रूप में मनाने का ऐलान किया और कहा कि वे इस परियोजना के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
भारी पुलिस तैनाती पर आपत्ति
ग्रामीणों का आरोप है कि भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर जनसुनवाई कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में आयोजित जनसुनवाई न तो लोकतांत्रिक है और न ही संवैधानिक भावना के अनुरूप।
विस्थापन विरोधी संगठनों ने आरोप लगाया कि अदानी प्रबंधन हजारों की संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में जबरन जनसुनवाई कराने की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस की घेराबंदी के बीच आम ग्रामीण खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते, जिससे पूरी प्रक्रिया औपचारिकता बनकर रह जाती है।
विस्थापन और पर्यावरण को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों का कहना है कि गोंदलपुरा कोल ब्लॉक परियोजना से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के विस्थापन का खतरा है। इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि वे इस परियोजना को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे और विरोध मरते दम तक जारी रहेगा।
प्रशासन से जनसुनवाई रद्द करने की मांग
ग्रामीणों और विस्थापन विरोधी संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सहमति, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किए बिना किसी भी परियोजना प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासनिक नजरें आगे की गतिविधियों पर टिकी हैं।