मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ दावोस और ब्रिटेन दौरे की तैयारियों की समीक्षा की

Ranchi : झारखंड ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य की आधिकारिक प्रतिनिधि टीम पहली बार जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगी। दावोस के कार्यक्रमों के बाद प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर जाएगा, जिसमें लंदन और ऑक्सफोर्ड शामिल हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में 18 से 26 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित दावोस (स्विट्जरलैंड) और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दावोस में झारखंड की पहली उपस्थिति
यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि यह झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के साथ मेल खा रही है और राज्य का WEF में पहला प्रतिनिधित्व है। इससे झारखंड लंबी अवधि के विकास के अगले चरण में खुद को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की मंशा जाहिर कर रहा है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में WEF की बैठक में शामिल होगा। यह झारखंड का वैश्विक मंच पर पहला कदम होगा, जहां विश्व के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। दावोस में झारखंड की खनिज संपदा, औद्योगिक संरचना, सतत विकास मॉडल, पर्यटन क्षमता और निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। विभागीय तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
दावोस में झारखंड का फोकस: प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास
झारखंड की भागीदारी WEF 2026 की थीम के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जो सतत विकास, लचीलापन, विश्वास और लंबी अवधि की आर्थिक परिवर्तन पर केंद्रित है। राज्य का विकास मॉडल आर्थिक वृद्धि को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक समावेशन के साथ संतुलित करने पर जोर देता है, जो झारखंड की प्राकृतिक संपदा और आदिवासी विरासत से प्रेरित है।दावोस में प्रतिनिधिमंडल राज्य-स्तरीय थीम सत्रों, संरचित संवादों और भारत पवेलियन तथा अन्य WEF मंचों पर आधिकारिक बैठकों में हिस्सा लेगा। मुख्य फोकस निवेश आकर्षण, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन, सतत औद्योगिक विकास, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा परिवर्तन और क्षेत्रीय विकास पर होगा। साथ ही, समावेशी और लचीली आर्थिक मॉडल में उप-राष्ट्रीय सरकारों की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा।
ब्रिटेन यात्रा : निवेश, शिक्षा और डायस्पोरा से जुड़ाव
दावोस के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन जाएगा। इसका उद्देश्य संस्थागत, शैक्षणिक और निवेश संबंधी साझेदारियां मजबूत करना है। यात्रा में निवेश आकर्षण, नीति सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान और भारतीय डायस्पोरा से संवाद पर जोर रहेगा—भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी के संदर्भ में।खास बात यह कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व प्रसिद्ध ब्लावेटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में विशेष व्याख्यान देंगे, उसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र होगा। वे भारत के पहले मुख्यमंत्री होंगे जो इस संस्थान को संबोधित करेंगे, जो सार्वजनिक नीति और शासन की दुनिया की प्रमुख संस्था है।यात्रा में ज्ञान आदान-प्रदान, नवोन्मेषी सहयोग, शिक्षा-कौशल विकास साझेदारी और झारखंड-ब्रिटेन के लंबी अवधि के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री का संदेश: निवेश और सतत विकास पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दावोस और ब्रिटेन की यह यात्रा निवेश और लंबी अवधि के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैश्विक मंचों पर झारखंड की प्राथमिकताओं का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। यात्रा का मुख्य लक्ष्य राज्य की वैश्विक दृश्यता बढ़ाना, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां गहरी करना और रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास तथा सतत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना है।झारखंड की इस भागीदारी की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.jharkhandatdavos.co.in लॉन्च की गई है। अपडेट्स राज्य के आधिकारिक X (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी साझा किए जाएंगे।यह कदम झारखंड को वैश्विक निवेशकों और नीति निर्माताओं के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव (गृह) वंदना दादेल, मंत्रिमंडल सचिव प्रशांत कुमार, अनुसूचित जनजाति कल्याण सचिव कृपानंद झा, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पर्यटन सचिव मनोज कुमार, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, खान निदेशक राहुल सिन्हा, जियाडा प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, उद्योग निदेशक विशाल सागर और निदेशक राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।यह दौरा झारखंड को वैश्विक निवेशकों के नक्शे पर मजबूती से लाने का बड़ा अवसर है।