रांची पुलिसकर्मी भी बने साइबर ठगी का शिकार: 3.20 लाख रुपये की ठगी, सोशल मीडिया के जरिये दिया घटना को अंजाम

Anand Kumar
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सोशल मीडिया पर भाई के नाम से भेजा मैसेज, भरोसा जीतकर खाली कराए बैंक खाते

राजधानी रांची से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लालपुर ट्रैफिक थाना में पदस्थापित पुलिसकर्मी मदन सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने उनके दुबई में रह रहे भाई के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर 3.20 लाख रुपये ठग लिए। घटना के बाद पीड़ित ने रांची साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


कब और कहां हुई घटना?

यह घटना रांची के लालपुर इलाके में हुई। पीड़ित पुलिसकर्मी मदन सिंह के साथ यह ठगी फेसबुक मैसेंजर के जरिये की गई। अपराधियों ने बड़ी चालाकी से उन्हें जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम दिया।


कैसे दिया गया घटना को अंजाम?

  • साइबर ठगों ने फेसबुक मैसेंजर के जरिये मदन सिंह से संपर्क किया।
  • खुद को उनके भाई आनंद सिंह के रूप में पेश किया, जो असल में दुबई में रहते हैं।
  • पहले साधारण बातचीत कर भरोसा कायम किया, हालचाल पूछे।
  • फिर बहाने से कहा कि भारत आकर कुछ चीजें लानी हैं और पैसों का लेन-देन करना है।
  • मदन सिंह ने भरोसे में आकर अपनी बैंक डिटेल्स शेयर कर दीं।
  • इसके बाद अपराधियों ने किश्तों में कुल 3.20 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

क्यों बढ़ रही हैं इस तरह की घटनाएं?

आज के डिजिटल युग में साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वे रिश्तों की पहचान और फोटो का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीत लेते हैं और फिर बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।
कम जागरूकता और तेजी से बढ़ती सोशल मीडिया निर्भरता भी ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रही है।


पुलिस ने क्या कदम उठाए?

  • मदन सिंह ने तुरंत रांची साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
  • पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
  • अपराधियों तक पहुंचने के लिए फेसबुक अकाउंट, बैंक ट्रांजैक्शंस और आईपी एड्रेस का विश्लेषण किया जा रहा है।
  • पुलिस लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील कर रही है।

कैसे बचें साइबर ठगी से?

  • किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर बिना पुष्टि किए विश्वास न करें।
  • निजी जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या OTP किसी के साथ साझा न करें।
  • अगर किसी जान-पहचान वाले के नाम से मैसेज आए, तो पहले फोन कॉल या वीडियो कॉल से सत्यापन करें।
  • अनजान लिंक या फाइल्स पर क्लिक करने से बचें।
  • किसी भी साइबर अपराध की घटना होने पर तुरंत नजदीकी साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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