ब‍िहार में ताड़ी पर तकरार: तेजस्वी यादव के समर्थन में चिराग पासवान, वोट बैंक साधने की सियासी जुगलबंदी

Anand Kumar
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Patna : ब‍िहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री और नेता प्रत‍िपक्ष तेजस्वी यादव ने पासी समाज के सम्मेलन में ताड़ी को शराबबंदी कानून से अलग करने की बात कहकर एक बड़ा सियासी संदेश दिया। इससे उन्होंने पासी समाज (जो एक बड़ा वोट बैंक है) को अपने पक्ष में साधने की कोशिश की।
एनडीए की ओर से उपमुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने तत्‍काल पलटवार क‍िया। सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब शराबबंदी कानून बना था, उस समय तेजस्वी सत्ता में थे, तब उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? यानी वे तेजस्वी को अवसरवादी साबित करना चाहते हैं।
लेक‍िन, एनडीए में प्रमुख साथी चिराग पासवान ने अलग स्‍टैंड लेते हुए तेजस्‍वी का का समर्थन कर चौंका द‍िया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तेजस्वी की बातों का समर्थन कर ताड़ी को प्राकृतिक पदार्थ बताया और इसे नशा मानने से इनकार किया। साथ ही उन्होंने नीतीश सरकार से दूरी बनाते हुए जनता के मुद्दे पर तेजस्वी के सुर में सुर मिलाया।
चिराग पासवान खुद भी पासी समाज में खास पकड़ रखते हैं। ऐसे में अपने समर्थकों को साधने और अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए उन्हें तेजस्वी का समर्थन करना पड़ा। यह समर्थन वैचारिक कम और राजनीतिक मजबूरी ज्यादा दिखती है।
ताड़ी को लेकर शुरू हुई बहस असल में जातीय वोट बैंक और राजनीतिक पोजिशनिंग का खेल है। एक तरफ तेजस्वी अपने को समाज का हितैषी दिखाना चाहते हैं, वहीं चिराग पासवान बिना सीधे गठबंधन में आए भी पासी समाज के बीच अपनी साख बचाए रखना चाहते हैं। सम्राट चौधरी इस पूरे मामले में तेजस्वी को घेरकर भाजपा का स्टैंड मजबूत करने में लगे हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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