UPSC Toppers From Jharkhand: कोई किसान का बेटा तो कोई अखबार बांटने वाले का…झारखंड के इतने छात्रों ने यूपीएससी में लहराया परचम

Anand Kumar
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UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम आ गया है और झारखंड के कई छात्रों ने इस बार अभूतपूर्व सफलता अर्जित की है। इन छात्रों के संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प ने राज्य का नाम रोशन किया है। इनमें से कई छात्र ऐसे हैं जिनकी पृष्ठभूमि सामान्य है, फिर भी उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने का साहस दिखाया है।

### राजकुमार महतो की कहानी

राजकुमार महतो, बोकारो जिले के चास प्रखंड के तियाड़ा गांव के निवासी हैं, जिन्होंने UPSC 2024 में 557वीं रैंक हासिल की। उनके पिता रामपद महतो पहले दर्जी थे लेकिन उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं छोड़ी और अखबार बेचकर आर्थिक संकट को पार किया। राजकुमार ने दिल्ली के रामजस कॉलेज से स्नातक और IGNOU से एमए करके तैयारी की और अपने दृढ़संकल्प से सफलता पाई।

### प्रवीण कुमार का सफर

गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र के उल्लीबार गांव के रहने वाले प्रवीण कुमार ने UPSC परीक्षा में 837वीं रैंक प्राप्त की। उनके पिता शिक्षक हैं और माता गृहिणी। प्रवीण इस सफलता को पहले से जमा की गई मेहनत का परिणाम मानते हैं और उनकी शानदार सफलता अपने क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

### ऋत्विक मेहता की उपलब्धि

जमशेदपुर के ऋत्विक मेहता ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 115वीं रैंक प्राप्त की है। यह उनके छठे प्रयास में मिली सफलता है। इस से पहले पांचवे प्रयास में वह IPS के लिए चुने गए थे, लेकिन उनकी हमेशा से IAS बनने की चाह थी और उन्होंने आखिरकार यह सपना पूरा कर दिखाया।

### इशिका सिंह की अनोखी ऊंचाई

डॉ. इशिका सिंह, जमशेदपुर की निवासी और प्रथम बार में ही UPSC में 206वीं रैंक हासिल करने वाली, ने सभी को चौंका दिया है। उनके इसी साहसिक कदम और अद्वितीय सफलता ने उन्हें राज्यभर में प्रसिद्ध कर दिया है।

इन पृष्ठभूमियों से आने वाले युवा बतलाते हैं कि जहां आपके पास सपने और उसे पाने का हौसला है, वहां कोई भी बाधा आपको नहीं रोक सकती। झारखंड के युवाओं ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सफलता पाने के लिए कठिन परिस्थितियाँ कुछ मायने नहीं रखतीं, यदि आपके मन में संकल्प और दृढ़ता हो।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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