गालूडीह वाटर पार्क हादसा : वेव पूल में डूबी 6 साल की बच्ची, लापरवाही ने ली मासूम की जान

Anand Kumar
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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल स्थित गालूडीह के बिरसा वाटर पार्क में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 6 वर्षीय सृष्टि कुमारी की डूबने से मौत हो गयी। गर्मी की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ मस्ती करने आयी यह मासूम बच्ची पार्क में मौजूद वेव पूल में अचानक गहरे पानी में चली गई और डूब गयी।

छुट्टी का प्लान बना मातम

सृष्टि, चतरा जिले के रहने वाले मिथुन कुमार की बेटी थी। मिथुन अपनी पत्नी सीमा देवी और तीन बच्चों के साथ अपने मामा के घर मानगो, जमशेदपुर आए थे। पारिवारिक भ्रमण के तहत वे सभी गालूडीह वाटर पार्क पहुंचे थे। इस यात्रा में उनके रिश्तेदार राजा सिंह और गौरव सिंह भी शामिल थे। सभी लोग पार्क के वेव पूल में पानी का आनंद ले रहे थे, तभी छोटी सृष्टि अचानक गहरे हिस्से में फिसल गई।

परिवार ने तुरंत उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन जब तक उसे बाहर निकाला जाता, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।


प्रशासनिक जांच में लापरवाही उजागर

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि वाटर पार्क में रेस्क्यू या लाइफ सेफ्टी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। ना ही कोई प्रशिक्षित लाइफ गार्ड, ना ही कोई फ्लोटिंग सुरक्षा उपकरण। यही नहीं, घटनास्थल के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड या गहराई संकेत भी स्पष्ट रूप से नहीं दिखा।

यह लापरवाही ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण मानी जा रही है।


पहले भी हो चुका है हादसा

यह पहली बार नहीं है कि इस वाटर पार्क में सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हों। साल 2022 में भी एक युवक की मौत हुई थी, जब वह स्लाइड से गिर पड़ा था। उस समय भी पार्क प्रशासन पर लापरवाही और सेफ्टी प्रोटोकॉल की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे थे।

इतने वर्षों बाद भी कोई ठोस सुधार नहीं किया गया — यही इस मासूम की मौत का सबसे बड़ा प्रश्न बन गया है।


कई सवाल खड़े कर गया हादसा

  • क्या प्रशासन ने 2022 के हादसे के बाद कोई सख्त कार्रवाई की थी?
  • क्या झारखंड के वाटर पार्क्स के लिए सुरक्षा मानकों की कोई निगरानी एजेंसी है?
  • बच्चों के लिए सुरक्षित क्षेत्रों को चिन्हित क्यों नहीं किया गया?
  • लाइफ गार्ड की अनिवार्यता लागू क्यों नहीं की गई?
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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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