आरपार के मूड में छात्र : 16 अगस्त को 24 जिलों में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला दहन, 20 को CM आवास घेराव की चेतावनी

Anand Kumar
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छात्र बोले – अगर सरकार कार्रवाई में अक्षम है तो मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा दें

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। आंदोलन के 22वें दिन छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने घोषणा की है कि 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला दहन किया जाएगा। रांची में यह कार्यक्रम अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित करने की बात कही गई है। इसके बाद 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया गया है।

18 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम

आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL और 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़े विवादों पर कार्रवाई, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है।

छात्रों का कहना है कि कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन चल रहा है। कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अब तक निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है।

आंदोलनकारी छात्र पीयूष का आरोप है कि सरकार की ओर से संवाद और वार्ता की बात जरूर कही जा रही है, लेकिन धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे छात्रों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

छात्रों का कहना है कि उन्हें अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।

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20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

छात्र नेताओं ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस घोषणा के बाद रांची में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। इससे पहले भी आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री आवास और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

राहुल गांधी पर भी छात्रों ने उठाए सवाल

आंदोलनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी सवाल उठाए।

उनका कहना है कि राहुल गांधी ने छात्रों से ऑडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की थी और विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज की निंदा भी की थी। लेकिन छात्रों का कहना है कि उन्हें सिर्फ बयान या बातचीत नहीं चाहिए, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

छात्रों ने कांग्रेस से सवाल किया है कि यदि पार्टी वास्तव में छात्रों के साथ है, तो उसे झारखंड सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

आंदोलनकारियों ने यहां तक कहा है कि यदि कांग्रेस छात्रों की मांगों के समर्थन में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस के खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा।

गांधीवादी आंदोलन से भगत सिंह की विचारधारा तक जाने का ऐलान

रविंद्र पासवान ने कहा कि अब तक मंच ने गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया है, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की रणनीति बदलने की चेतावनी दी गई है।

उन्होंने भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि छात्र अब अपने आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे। हालांकि, आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

छात्रों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

छात्रों का कहना है कि यदि सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है, तो मुख्यमंत्री को इसकी जवाबदेही लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि पेपर लीक, परीक्षा में कथित गड़बड़ी और नौकरी से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार को जवाब देना होगा।

उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की जवाबदेही केवल बयान देने तक सीमित नहीं हो सकती।

छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

छात्र आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं:

  • JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग
  • 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़े विवाद पर कार्रवाई
  • TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
  • कथित अनियमितताओं की CBI जांच
  • दोषियों के खिलाफ कार्रवाई
  • भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था
  • छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार की जवाबदेही

अब 16 और 20 अगस्त पर नजर

छात्र आंदोलन के अगले दो दिन अब बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

16 अगस्त: झारखंड के 24 जिलों में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतला दहन का कार्यक्रम।

18 अगस्त: छात्रों की ओर से सरकार को दिया गया अल्टीमेटम समाप्त होगा।

20 अगस्त: मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान।

ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों के इस नए अल्टीमेटम पर क्या फैसला लेती है और क्या आंदोलन को समाप्त कराने के लिए कोई ठोस पहल होती है।

फिलहाल छात्रों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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