झारखंड लोक सभा आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच झारखंड में रविवार (9 अगस्त) को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जिसमें, आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हंसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड सरकार की अनुशंसा के बाद तीनों के स्थिति को स्वीकार कर लिया है।
जेपीएससी परीक्षाओं में गठित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी की जांच पहले से चल रही है। इसमें, हाल ही में, सीआईडी एवं पुलिस की टीम ने जेपीएससी कार्यालय में तलाशी भी ली थी और मामले में पूछताछ एवं कार्रवाई भी चल रहा है। इन तीन सदस्यों के स्टीफन ने आयोग की कार्य प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद को और भी गहरा कर दिया है।
छात्र संगठनों एवं प्रतियोगी परीक्षा भारतीयों की सरकार के साथ कई दौर की बातचीत भी हुई है, जिसमें, सरकार ने कई मांगों पर माटी जताते हुए जीपीएससी से जुड़ी कुछ परीक्षाओं को रद्द करने, सीआईडी जांच के साथ वित्तीय अनियमिताओं की जांच के लिए एड की अनुशंसा करने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसे कदमों की जानकारी दी। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं।
जेपीएससी के तीन सदस्यों के स्थिति के बाद या मामला एक नया सवाल भी खड़ा करता है की सरकार और आंदोलन छात्रों के बीच गतिरोध कैसे खत्म होगा एवं अधिक परीक्षा में बताओ की जांच किसी एजेंसी से कराई जाएगी।