Dhanbad/Khunti : रामनवमी के दौरान झारखंड के अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं के बाद प्रशासन अब सक्रिय मोड में नजर आ रहा है। धनबाद और खूंटी—दोनों जगहों पर शांति एवं सद्भावना समितियों की बैठक कर हालात सामान्य करने की कोशिश की गई। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन निर्दोषों को किसी भी कीमत पर परेशान नहीं किया जाएगा।
धनबाद: भीखराजपुर घटना के बाद शांति समिति की बैठक, एसएसपी का स्पष्ट संदेश
धनबाद के बलियापुर थाना क्षेत्र के भीखराजपुर में रामनवमी के दिन हुई घटना के बाद मंगलवार को थाना परिसर में शांति एवं सद्भावना समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसएसपी प्रभात कुमार ने की, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।
बैठक में सभी पक्षों ने एक स्वर में घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि जांच के दौरान किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाए।
एसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट कहा कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—“न निर्दोष फंसेगा और न ही दोषी बचेगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दबाव में आकर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस को कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और उनके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने फरार आरोपियों को जल्द आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी और आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
बैठक में सिटी एसपी ऋतविक श्रीवास्तव, एडीएम विधि-व्यवस्था हेमा प्रसाद, एसडीएम लोकेश बारंगे, सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष सत्यम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा।
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खूंटी-मुरहू: पथराव के बाद चौथे दिन प्रशासन सक्रिय, बंद वापस
खूंटी जिले के मुरहू में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए पथराव और उसके बाद उपजे तनाव के चौथे दिन प्रशासन ने पहल करते हुए शांति समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर संवाद स्थापित किया गया, जिसके बाद सकारात्मक परिणाम सामने आया।
बैठक के बाद आपसी सहमति बनी और खूंटी में चल रहा बंद वापस लेने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुरहू में कर्फ्यू नहीं, बल्कि निषेधाज्ञा लागू है और दुकानों को बंद रखने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।

डीसी आर रॉनिटा और एसपी मनीष टोप्पो ने लोगों से सामान्य जनजीवन बहाल करने की अपील की। एसपी ने सख्त लहजे में कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्य आधारित होगी।
डीसी ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानें खोलें और सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करें।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच समझौता, केस वापसी की मांग भी उठी
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। केंद्रीय रामनवमी महासमिति के पदाधिकारियों ने दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि केस वापस लेने का अधिकार उनके पास नहीं है।
फिर भी प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। बैठक में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक के बाद सकारात्मक माहौल बनने पर बंद समाप्त करने की घोषणा कर दी गई और दुकानदारों से तुरंत दुकानें खोलने की अपील की गई।
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क्या संकेत दे रही हैं ये बैठकें?
धनबाद और खूंटी की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि त्योहारों के दौरान छोटी घटनाएं भी बड़े तनाव में बदल सकती हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवाद की पहल ने हालात को नियंत्रण में लाने में अहम भूमिका निभाई है।
हालांकि, चुनौती अब भी बनी हुई है—अफवाहों पर रोक, निष्पक्ष जांच और सामाजिक विश्वास की बहाली। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और समाज के सहयोग पर ही शांति की स्थिरता निर्भर करेगी।