New Delhi/Ranchi : पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देशभर में कुकिंग गैस (LPG) और कॉमर्शियल सिलेंडरों का भारी संकट पैदा हो गया है। रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर हैं। इस बीच आम जनता के मन में यह डर बैठ गया है कि कहीं उनके घरों की रसोई गैस भी खत्म न हो जाए। इसी घबराहट के बीच बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इंडक्शन स्टोव (Induction Stove), एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक कुकर की मांग रातों-रात आसमान छू गई है।
हालात ये हैं कि बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में कई नामी ब्रांड्स के इंडक्शन ‘आउट ऑफ स्टॉक’ हो गए हैं। लेकिन क्या जल्दबाजी में खरीदे जा रहे ये आधुनिक इलेक्ट्रिक चूल्हे आपकी सेहत और सुरक्षा के लिए सही हैं? आइए इसका वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलू समझते हैं।
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सेहत और सुरक्षा के लिए इंडक्शन स्टोव के फायदे
विशेषज्ञों की मानें तो पारंपरिक गैस स्टोव (LPG) की तुलना में इंडक्शन कुकटॉप कई मायनों में ज्यादा सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प हैं:
- जहरीली गैसों से मुक्ति: गैस स्टोव जलने पर कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी गैसें घर के अंदर (Indoor Pollution) फैलती हैं, जो सांस की बीमारियों का कारण बन सकती हैं। इंडक्शन में ऐसा कोई उत्सर्जन नहीं होता, जिससे फेफड़े सुरक्षित रहते हैं।
- आग लगने का खतरा शून्य: इंडक्शन में खुली आग (Open Flame) नहीं होती। यह मैग्नेटिक फील्ड के जरिए सिर्फ बर्तन को गर्म करता है, जिससे आग लगने या जलने का जोखिम काफी कम हो जाता है।
- ऊर्जा की कम बर्बादी: इंडक्शन पर बर्तन सीधे गर्म होता है, जिससे आस-पास का वातावरण गर्म नहीं होता और खाना जल्दी पकता है।
(नोट: इंडक्शन के लिए सपाट तले वाले स्टील या लोहे के खास बर्तनों की जरूरत होती है।)
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एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक कुकर का नया क्रेज
इंडक्शन के अलावा लोग एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर भी जमकर खरीद रहे हैं:
- एयर फ्रायर (Air Fryer): यह सेहत के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद बन गया है क्योंकि इसमें बिना तेल के या नाममात्र तेल में खाना (जैसे स्नैक्स, कटलेट) पकाया जा सकता है। हालांकि, सांभर, दाल या रसम जैसे रसेदार भारतीय व्यंजनों के लिए यह उपयोगी नहीं है।
- इलेक्ट्रिक कुकर: यह न केवल गैस और समय बचाता है, बल्कि भाप को लॉक करके सब्जियों और दालों के प्राकृतिक पोषक तत्वों (Nutrients) को भी बरकरार रखता है।
इस्तेमाल से पहले ये सावधानियां हैं बेहद जरूरी
इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की तरफ शिफ्ट होने से पहले कुछ तकनीकी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है:
- वायरिंग और लोड: ये उपकरण (खासकर इंडक्शन और माइक्रोवेव) 1500 से 2000 वॉट तक बिजली खींचते हैं। इस्तेमाल से पहले सुनिश्चित करें कि आपके घर की वायरिंग और प्लग इस भारी लोड को सहने के लिए बने हैं (15 Ampere का सॉकेट इस्तेमाल करें)।
- ओवरलोडिंग से बचें: कभी भी एक ही मल्टी-प्लग या एक्सटेंशन बोर्ड में इंडक्शन, फ्रिज और एयर फ्रायर एक साथ न लगाएं। इससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
- स्वाद का अंतर: माइक्रोवेव खाना गर्म करने के लिए तो बेहतरीन है, लेकिन चूल्हे पर पके ताजे खाने वाला सोंधापन इसमें नहीं आ पाता।
अगर आप गैस किल्लत के डर से इंडक्शन खरीद रहे हैं, तो यह एक स्मार्ट और सुरक्षित निवेश है। बस इसकी बिजली खपत और सही बर्तनों के चुनाव का ध्यान रखें।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)