सदन के बाहर और अंदर गैस किल्लत पर सत्ता और विपक्ष में खूब हुई जुबानी जंग
Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का 13वां दिन शुक्रवार को राजनीतिक ड्रामे और तीखी नोक-झोंक का गवाह बना। प्रदेश में गहराते रसोई गैस (LPG) संकट और महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने एक ऐसा अनोखा तरीका अपनाया, जिसने न केवल सुरक्षाकर्मियों बल्कि आम जनता को भी अचंभे में डाल दिया।
मंत्री की ‘ड्राइव’: जब खुद रिक्शा थामे दिखे डॉ. इरफान अंसारी
सत्र शुरू होने से ठीक पहले राजधानी की सड़कों पर एक दिलचस्प नज़ारा दिखा। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी खुद रिक्शा चलाकर विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचे। उनके रिक्शे पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सवारी के तौर पर बैठी थीं। मंत्रियों के इस अंदाज़ ने विधानसभा परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा कर दी।
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विधानसभा सत्र में शामिल होने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को बैठाकर रिक्शा चलाकर आये मंत्री इरफान अंसारी।विधानसभा सत्र में शामिल होने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को बैठाकर रिक्शा चलाकर आये मंत्री इरफान अंसारी।
मीडिया से मुखातिब डॉ. अंसारी ने केंद्र सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “देश आज गर्त में जा रहा है। केंद्र की गलत नीतियों ने आम आदमी को कतारों में खड़ा कर दिया है। जब बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, तो हम चुप नहीं बैठ सकते।”
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सदन के बाहर प्रदर्शन: ‘मोदी सरकार तमाशा देखना बंद करे’
विधानसभा के मुख्य द्वार पर इंडिया गठबंधन के विधायकों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि आज रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि घरों में चूल्हे बुझ रहे हैं और केंद्र में बैठी मोदी सरकार ‘मूकदर्शक’ बनकर तमाशा देख रही है।
वहीँ, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सदन के अंदर भी इस मामले को गरमाया। उन्होंने कहा कि गैस किल्लत का असर धार्मिक स्थलों और शिक्षा पर भी पड़ रहा है। मंदिरों में भोग और स्कूलों में मिड-डे मील बंद होने की नौबत आ गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में घुटने टेक दिए हैं, जिसका खामियाजा देश की जनता भुगत रही है।
विपक्ष का प्रहार: ‘नौटंकी’ की जगह पैदल आएं मंत्री—मरांडी
सत्ता पक्ष के इस प्रदर्शन पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखा प्रहार करते हुए इसे ‘शुद्ध नौटंकी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और केंद्र सरकार अराजकता नहीं, बल्कि विकास सुनिश्चित कर रही है।
मरांडी ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर मंत्री जी रोज रिक्शा चलाकर आएं तो इससे उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और अखबारों में तस्वीरें भी अच्छी छपेंगी। असल में ये लोग जनता को भ्रमित करने के लिए अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं।” वहीं, बीजेपी विधायक नीरा यादव ने इसे कांग्रेस का असली ‘दिखावा’ वाला चरित्र बताते हुए जनता को इस तरह के राजनीतिक स्टंट से सावधान रहने की नसीहत दी।
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कृषि मंत्री की चेतावनी: यूरिया और नेचुरल गैस पर भी खतरा
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस विरोध प्रदर्शन को महज सांकेतिक नहीं, बल्कि भविष्य की चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि रुपए की गिरती कीमत और नेचुरल गैस की कमी का सीधा असर किसानों पर पड़ने वाला है। आने वाले दिनों में यूरिया की भारी किल्लत हो सकती है। उन्होंने भाजपा को नसीहत दी कि वह अपनी विफलता का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना बंद करे।