मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जाम: 8 घंटे फंसे उद्योगपति, हेलिकॉप्टर से निकाले गए

Anand Kumar
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गैस टैंकर पलटने से 30 घंटे ठप रहा एक्सप्रेसवे, हवाई तस्वीरें शेयर कर उद्योगपति सुधीर मेहता ने बताई जमीनी हकीकत

पुणे। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम एक गैस टैंकर के पलट जाने से लगा भारी जाम आम यात्रियों के साथ-साथ बड़े उद्योगपतियों के लिए भी मुसीबत बन गया। इस जाम में पुणे के जाने-माने उद्योगपति सुधीर मेहता भी फंस गए, जिन्हें आखिरकार आठ घंटे बाद हेलीकॉप्टर का सहारा लेकर पुणे पहुंचना पड़ा। टैंकर दुर्घटना के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अत्यधिक ज्वलनशील गैस के रिसाव के कारण सुरक्षा वजहों से यातायात रोकना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 30 घंटे से अधिक समय तक हजारों वाहन और यात्री फंसे रहे।

‘एक्स’ पर साझा की हवाई तस्वीरें

पिनैकल इंडस्ट्रीज एंड ईकेए मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आठ घंटे तक जाम में फंसे रहने के बाद बुधवार को हेलीकॉप्टर से पुणे लौटे।मेहता ने एक्सप्रेसवे पर फैले भीषण ट्रैफिक जाम की हवाई तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जो हालात की गंभीरता खुद बयां कर रही थीं।

आपात तैयारी पर उठाए सवाल

लंबे समय तक चले यातायात व्यवधान पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहता ने कहा कि ऐसी घटनाएं मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बेहतर आपातकालीन तैयारियों की जरूरत को उजागर करती हैं।उन्होंने लिखा,“लाखों लोग पिछले 18 घंटों से एक गैस टैंकर के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फंसे हुए हैं। ऐसी आपात स्थितियों के लिए एक्सप्रेसवे पर योजनाबद्ध निकास बिंदु होने चाहिए, जिन्हें खोलकर वाहनों को वापस लौटने दिया जा सके।”

हेलीपैड बनाने का सुझाव

मेहता ने समाधान भी सुझाया। उन्होंने कहा कि हेलीपैड बनाने में 10 लाख रुपये से कम लागत आती है और इसके लिए एक एकड़ से भी कम जमीन की जरूरत होती है।उनका सुझाव था कि आपातकालीन निकासी के लिए एक्सप्रेसवे के पास विभिन्न स्थानों पर हेलीपैड अनिवार्य किए जाने चाहिए, ताकि ऐसी परिस्थितियों में लोगों की जान और समय दोनों बचाए जा सकें।

33 घंटे बाद बहाल हुआ यातायात

अधिकारियों के अनुसार, खंडाला घाट खंड में टैंकर पलटने के करीब 33 घंटे बाद बुधवार देर रात मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात बहाल किया गया।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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