Ranchi : देवघर के चर्चित आलोक कुमार हत्याकांड मामले में मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सूचक और मृतक के बड़े भाई आशुतोष कुमार की ओर से अधिवक्ता शिशिर राज ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस कांड के नामजद आरोपी राहुल चंद्रवंशी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी झामुमो के देवघर जिला युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं और राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस अब तक कार्रवाई करने में असफल रही है। घटना 9 दिसंबर 2025 को हुई थी और इस संबंध में देवघर टाउन थाना कांड संख्या 547/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज है।
अग्रिम जमानत खारिज, फिर हाईकोर्ट में याचिका
अदालत को बताया गया कि सत्र न्यायालय में राहुल चंद्रवंशी की अग्रिम जमानत याचिका 12 जनवरी 2026 को खारिज हो चुकी है। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की है। सूचक पक्ष की ओर से कहा गया कि मामले में कई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं और पूरी घटना पास के एक स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में कैद है। केस डायरी में इन साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
लाइसेंसी पिस्टल से धमकी का आरोप
अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से स्कूल के नाइट गार्ड को धमकाया था और घायल आलोक कुमार को अस्पताल ले जाने से रोका गया। इसे मामले की गंभीर कड़ी बताते हुए कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया।
केस डायरी तलब, अगली सुनवाई 9 मार्च
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस से केस डायरी तलब की है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख तय की है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता के विरोध में 23 दिसंबर 2025 को आशुतोष कुमार के नेतृत्व में देवघर बंद का आयोजन किया गया था। यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।