Ranchi : उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव और निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम चार दिनों तक पूछताछ करेगी। यह पूछताछ 30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जाएगी।
27 जनवरी को रिमांड पर लिया गया था
उल्लेखनीय है कि 27 जनवरी को एसीबी ने विनय चौबे को कोर्ट से रिमांड पर लिया था। उस समय वह हजारीबाग जेल में बंद थे और वर्तमान में इलाज के लिए रिम्स में भर्ती हैं। इसी दौरान उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एसीबी को रिमांड की अनुमति दी थी।
अवैध संसाधन और कमीशन से धन संग्रह का आरोप
एसीबी की ओर से बताया गया है कि 24 नवंबर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी थाना में विनय चौबे सहित कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस केस में विनय चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, शिपिज की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को आरोपी बनाया गया है।
बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय लेन-देन जांच का आधार
जांच के दौरान एसीबी ने बैंक स्टेटमेंट, वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। एजेंसी के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया है कि प्रथम श्रेणी के लोक सेवक होने के बावजूद विनय चौबे ने अवैध संसाधनों और कमीशन के जरिए बड़ी मात्रा में धन संग्रह किया।
फिलहाल एसीबी की टीम रिमांड अवधि के दौरान सभी आरोपों, वित्तीय दस्तावेजों और नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही है।