सुरक्षा कारणों से भारत को ‘असुरक्षित’ बताने के बाद कार्रवाई, बांग्लादेशी मीडिया के वीजा और एक्रेडिटेशन पर रोक

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 विश्व कप 2026 के भारत में होने वाले मैचों को कवर करने के लिए बांग्लादेशी पत्रकारों के आवेदन अस्वीकार कर दिए हैं। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेशी मीडिया को भारत में होने वाले मुकाबलों की रिपोर्टिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश सरकार और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला किया था और भारत को असुरक्षित बताया था। इसी आधार पर बांग्लादेशी पत्रकारों के वीजा और एक्रेडिटेशन आवेदन खारिज कर दिए गए।टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से 6 मार्च के बीच होना है। हालांकि, बांग्लादेश से जुड़ा यह विवाद टूर्नामेंट से पहले ही सुर्खियों में आ गया है।
टीम न भेजने के फैसले के बाद आई कार्रवाई
आईसीसी का यह फैसला बीसीबी द्वारा सुरक्षा कारणों से अपनी टीम को भारत न भेजने और विश्व कप के बहिष्कार के निर्णय के बाद लिया गया। बीसीबी ने अपनी सरकार की सलाह का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया था।
शुरुआती मंजूरी के बाद रद्द हुआ एक्रेडिटेशन
बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई पत्रकारों ने दावा किया कि कुछ बांग्लादेशी फोटो जर्नलिस्ट को 20 और 21 जनवरी को एक्रेडिटेशन मंजूरी के ईमेल मिले थे, लेकिन बाद में उनके एक्रेडिटेशन रद्द कर दिए गए।बीसीबी मीडिया कमेटी के चेयरमैन अमजद हुसैन के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश के करीब 130 से 150 पत्रकारों ने एक्रेडिटेशन के लिए आवेदन किया था।अमजद हुसैन ने कहा,“जहां तक मुझे पता है, सभी बांग्लादेशी पत्रकारों को रिजेक्ट कर दिया गया था। इस साल करीब 130 से 150 पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन किसी को भी एक्रेडिटेशन नहीं मिला।”
सीनियर पत्रकारों ने फैसले पर जताया आश्चर्य
वरिष्ठ पत्रकार आरिफुर रहमान बाबू, जो 1996 के आईसीसी विश्व कप को कवर करने वाले चार बांग्लादेशी रिपोर्टरों में शामिल थे, ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा,“भले ही कोई टीम नहीं खेल रही हो, आईसीसी एसोसिएट मेंबर देश के पत्रकारों को अब भी एक्रेडिटेशन मिल सकता है। मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि सभी को रिजेक्ट क्यों किया गया। मैं हैरान हूं और इस फैसले की कड़ी निंदा और विरोध करता हूं।”