New Delhi : भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलना तय हो गया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित किया गया।
राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि नितिन नबीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनकी जांच में सभी नामांकन वैध पाए गए। उनके नाम की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी।
नामांकन के दौरान केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्र जमा किए।
भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 16 जनवरी को अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
पत्नी दीपमाला का बयान: “हीरे की परख जौहरी को ही होती है”
नितिन नबीन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा,
“केंद्रीय नेतृत्व जानता है कि कौन व्यक्ति काम करने में सक्षम है। हीरे की परख जौहरी को ही होती है। पार्टी ने सही हीरा चुना है। नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है, और अब उनकी मेहनत का फल उन्हें मिला है।”
चुनाव प्रक्रिया पर लक्ष्मण की जानकारी
डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तब शुरू किया गया, जब 36 में से 30 राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पूरे हो चुके थे, जो कि आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक है।
- कुल 37 सेट नामांकन पत्र
- 36 सेट अलग-अलग राज्यों से
- हर सेट पर 20 नेताओं के हस्ताक्षर
- एक अलग सेट भाजपा संसदीय बोर्ड की ओर से, जिस पर प्रधानमंत्री सहित 37 सांसदों के हस्ताक्षर
सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नबीन
भाजपा के इतिहास में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।
- लालकृष्ण आडवाणी तीन बार
- राजनाथ सिंह दो बार
नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।
बिहार से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर
नितिन नबीन मूल रूप से बिहार से हैं और वे पांच बार विधायक रह चुके हैं। संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर उनके अनुभव को पार्टी की बड़ी ताकत माना जा रहा है।
नए अध्यक्ष के कार्यकाल में 11 अहम चुनाव
नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल में भाजपा को देशभर में 11 बड़े विधानसभा और लोकसभा चुनावों का सामना करना है, जिसे संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछले 6 महीनों में 3 प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध
पिछले छह महीनों में तीन राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए—
- हेमंत खंडेलवाल – मध्य प्रदेश (जुलाई)
- पंकज चौधरी – उत्तर प्रदेश (दिसंबर)
- आदित्य साहू – झारखंड (जनवरी)
कैसे चुना जाता है भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय परिषद द्वारा चुना जाता है, जिसमें लगभग 5,708 सदस्य शामिल होते हैं। ये सदस्य देश के 30 से अधिक राज्यों से आते हैं।
हालांकि, यदि केवल एक ही नामांकन होता है, तो मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ती, जैसा कि इस बार हुआ।
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