एससी-एसटी एक्ट मामले में सांसद ढुल्लू महतो बरी, बोले – राजनीतिक साजिश के मुकदमे हो रहे खत्म

Anand Kumar
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Dhanbad : करीब छह साल पुराने एससी-एसटी अधिनियम से जुड़े एक मामले में अदालत ने शनिवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो को बरी कर दिया। यह फैसला एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट द्वारा सुनाया गया, जिसमें सांसद और शिकायतकर्ता सोनाराम मांझी के बीच हुए आपसी समझौते को आधार बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान सांसद ढुल्लू महतो स्वयं अदालत में उपस्थित थे।

अदालत के इस फैसले को सांसद के लिए बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा में रहा था। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते और प्रस्तुत तथ्यों को देखते हुए सांसद को दोषमुक्त करार दिया।

फैसले के बाद सांसद का बयान

अदालत से बाहर निकलने के बाद सांसद ढुल्लू महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ बीते वर्षों में राजनीति से प्रेरित होकर कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उन्होंने कहा कि ये मुकदमे उनके सार्वजनिक जीवन और विकास कार्यों को बाधित करने के उद्देश्य से दर्ज कराए गए थे, लेकिन अब एक-एक कर सभी मामलों में सच्चाई सामने आ रही है।

सांसद ने कहा कि अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार थे। उन्होंने भरोसा जताया कि शेष मामलों में भी उन्हें न्याय मिलेगा।

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विकास कार्यों को मिलेगी गति

ढुल्लू महतो ने कहा कि इन मामलों के कारण धनबाद जिले में कई विकास परियोजनाओं पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ा था। कुछ योजनाएं कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण आगे नहीं बढ़ पाईं।
उन्होंने कहा कि अब जब अदालत से राहत मिली है, तो जिले में रुके हुए विकास कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे। सांसद ने दावा किया कि आने वाले समय में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

राजनीतिक विरोधियों पर हमला

मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद ने डुमरी विधायक जयराम महतो पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रभु श्रीराम और राम भक्तों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, वह विपरीत बुद्धि का परिचायक है। ऐसे लोगों का पतन निश्चित होता है और जनता समय आने पर उन्हें करारा जवाब देती है।

सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह बयान आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और बयानबाज़ी को और तेज कर सकता है।

गौरतलब है कि एससी-एसटी अधिनियम से जुड़ा यह मामला लगभग छह वर्ष पुराना था। मामले में सांसद ढुल्लू महतो पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिन्हें लेकर लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली। अब अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद सांसद समर्थकों में संतोष और राहत का माहौल है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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