ACB जांच में बड़ा मोड़ : विनय चौबे मामले में दिल्ली का रियल एस्टेट कारोबारी सुरेंद्र सिंह गिरफ्तार

Anand Kumar
4 Min Read
विनय चौबे

Ranchi : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और कारोबारी विनय सिंह से जुड़े आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी की है।

एसीबी ने दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह को गुरुवार को रांची से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, सुरेंद्र सिंह इस मामले में जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।


फ्लैट सौदे में अवैध धन के निवेश का शक

जांच में सामने आया है कि विनय चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी के नाम पर खरीदे गए एक फ्लैट के लेन-देन में सुरेंद्र सिंह की अहम भूमिका थी। वर्ष 2017 में सुरेंद्र सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर प्रियंका त्रिवेदी को लगभग 43 लाख रुपये में यह फ्लैट बेचा था।

एसीबी को संदेह है कि इस फ्लैट सौदे में विनय चौबे के अवैध धन का निवेश किया गया और इसे रिश्तेदारों के नाम पर छिपाया गया। इसी मनी ट्रेल की जांच के लिए सुरेंद्र सिंह को जनवरी 2026 की शुरुआत में रांची बुलाया गया था।

एसिया उपाध्यक्ष देवांग गांधी के बेटे कैरव का हुआ है अपहरण, विदेशी वॉट्सअप नंबर से मांगी 5 करोड़ की फिरौती


अन्य कारोबारियों से भी हो चुकी है पूछताछ

इस मामले में सुरेंद्र सिंह से पहले रांची के कारोबारी श्रवण जालान और ज्योतिषाचार्य एन.के. बेरा से भी पूछताछ की जा चुकी है। एसीबी इन सभी से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की बारीकी से जांच कर रही है।


जांच का बैकग्राउंड: चौथा DA केस

यह मामला विनय चौबे के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के चौथे केस का हिस्सा है। इस FIR में उनके परिवार के कई सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साले शिपिज त्रिवेदी, प्रियंका त्रिवेदी, कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह शामिल हैं।

एसीबी ने नवंबर 2025 में यह नया मामला दर्ज किया था, जिसमें काले धन, कमीशनखोरी और बेनामी लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


पहले से जेल में हैं विनय चौबे और विनय सिंह

गौरतलब है कि विनय चौबे पहले से ही शराब घोटाला और हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामलों में जेल में बंद हैं। वहीं विनय सिंह भी इन मामलों में आरोपी हैं और गिरफ्तार हो चुके हैं।

एसीबी अब फ्लैट खरीद-बिक्री से जुड़े मनी ट्रेल, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। सुरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

पूछताछ के बाद एसीबी ने सुरेंद्र सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं।

मकर संक्रांति पर मातम : गुमला में हाईवा की टक्कर से चार की मौत, तिलकुट बेचने जा रहे थे रांची के युवक

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *