Dwarka murder case : पति की हत्या का भेद चैट से खुला : पत्नी ने प्रेमी देवर को लिखा, ‘इतनी गोलियां दे चुकी, पर कुछ नहीं हुआ’

Anand Kumar
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Dwarka murder case : 90 से ज्यादा इंस्टाग्राम चैट्स से खुला राज, जानिए कैसे रची गई खौफनाक साजिश

dwarka murder case
बायें पति के साथ सुष्मिता। दायें प्रेमी और चचेरे देवर राहुल के साथ।

Dwarka murder case : दिल्ली के द्वारका इलाके में एक सनसनीखेज मर्डर केस ने सबको चौंका दिया है, जहां एक महिला और उसके प्रेमी ने मिलकर उसके पति की निर्मम हत्या कर दी। हत्या की साजिश का खुलासा 90 से अधिक इंस्टाग्राम मैसेजेस के माध्यम से हुआ है, जो दोनों आरोपियों—पत्नी और उसके प्रेमी—के बीच आदान-प्रदान किए गए थे।

घटना 13 जुलाई की है, जब दिल्ली के उत्तम नगर स्थित माता रूपरानी मग्गो अस्पताल से पुलिस को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉल में बताया गया कि 36 वर्षीय करण को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है।

जांच में सामने आया कि करण की मौत कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी, जिसे उसकी ही पत्नी सुष्मिता और उसके प्रेमी राहुल ने मिलकर अंजाम दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि राहुल, करण का चचेरा भाई भी बताया जा रहा है।

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कैसे खुला मर्डर का राज?

करण के भाई को अपनी भाभी सुष्मिता और चचेरे भाई राहुल के बीच बढ़ती नजदीकियों पर पहले से संदेह था। इसी शक के चलते जब उसे सुष्मिता और राहुल के बीच के इंस्टाग्राम चैट हाथ लगे, तो उसने तत्काल पुलिस को सूचित किया।

पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित कुमार सिंह ने बताया कि चैट्स के अध्ययन के बाद हत्या की पूरी साजिश सामने आई। यह भी संकेत मिले हैं कि सुष्मिता ने इंस्टाग्राम के डिसएपीयरिंग मैसेज फीचर का इस्तेमाल करके अपने परिवार और ससुराल से इस रिश्ते और षड्यंत्र को छिपाया था।


हत्या की योजना और क्रूरता

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सुष्मिता अपने पति को पहले नींद की गोलियां देकर मारना चाहती थी। 12 जुलाई की रात उसने करण के भोजन में लगभग 15 नींद की गोलियां मिला दीं, लेकिन जब करण की मौत नहीं हुई तो उसने राहुल को मैसेज किया—

“इतनी गोलियां दे चुकी हूं, फिर भी कुछ नहीं हुआ…अब करंट ही देना पड़ेगा।”

राहुल ने जवाब दिया—

“उसके हाथ-पैर टेप से बांध देना, फिर करंट लगाना।”

इसके बाद उन्होंने करण को बिजली का झटका दिया और हत्या को अंजाम दिया। हत्या के बाद सुष्मिता ने नाटक करते हुए अपने ससुराल वालों को बताया कि करण बेहोश हो गया है। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और मौत का कारण इलेक्ट्रिक शॉक बताया।

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पहले भी कर चुके थे प्रयास

चैट्स से यह भी सामने आया है कि करण को मारने की कोशिश पहले भी की गई थी। उन्होंने उसे पहले नशीला पदार्थ दिया था ताकि यह जांच सकें कि वह कितनी जल्दी बेहोश होता है। चैट में कई ऐसी बातें हैं जो यह दर्शाती हैं कि दोनों आरोपी सप्ताहों से हत्या की योजना बना रहे थे।

एक मैसेज में सुष्मिता पूछती है—

“कितनी देर करंट लगाना पड़ेगा कि वह मरे?”

यह बात भी सामने आई कि दोनों आरोपी हत्या के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहे थे—नींद की गोली, करंट, या अन्य।


पुलिस कार्रवाई और अगला कदम

पुलिस ने सुष्मिता और राहुल दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या व आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

डीसीपी अंकित कुमार सिंह के अनुसार, आगे की जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही इंस्टाग्राम चैट्स की फोरेंसिक तरीके से पुष्टि भी कराई जा रही है।


यह मामला न सिर्फ रिश्तों की गिरावट और विश्वासघात को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि डिजिटल चैट्स और टेक्नोलॉजी आज भी अपराधियों के लिए सबूत बन सकते हैं। एक साधारण इंस्टाग्राम चैट ने एक जघन्य हत्या का पर्दाफाश कर दिया।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि सतर्कता, पारिवारिक संवाद और सही समय पर संदेह जताना किस कदर जिंदगी बचा सकता है

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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